animals
धीमी मछलियाँ, चमकीला पानी
कोई का तालाब एक ऐसा स्क्रीनसेवर है जो स्क्रीनों से हज़ार साल पहले का है।
गहरे पानी में मछलियों को चलते देखना ध्यान के सबसे पुराने अभ्यासों में से है। मठ इसे जानते थे; बाग़ बनाने वालों ने इसे इंजीनियर किया; अब लॉक स्क्रीनें इसे विरासत में पा रही हैं। ये रंग — ख़ुरमा, सफ़ेद-सुनहरा, स्याही — पीढ़ी दर पीढ़ी, धीरज से, ठीक इसी तरह के देखे जाने के लिए पाले गए थे।
इस सेट की तस्वीरें सतह के क़रीब रहती हैं, जहाँ पंख धुँधलाकर सुलेख बन जाते हैं और लहरियाँ हर स्ट्रोक के साथ मछली को नए सिरे से खींचती हैं।
कोई के तालाब के ऊपर गुस्से में वक़्त देखना मुश्किल है। हम इसे एक फ़ीचर मानते हैं।
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