अतियथार्थवादी
144 वॉलपेपर
असल और कल्पना के बीच की सीमा जब धुंधली हो जाती है, तो दृश्य सपने जैसा लगने लगता है। यहाँ भौतिकी के नियम भी कभी-कभी झुक जाते हैं। ऐसा वॉलपेपर स्क्रीन पर एक अनोखा, कल्पनाशील अनुभव देता है।
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असल और कल्पना के बीच की सीमा जब धुंधली हो जाती है, तो दृश्य सपने जैसा लगने लगता है। यहाँ भौतिकी के नियम भी कभी-कभी झुक जाते हैं। ऐसा वॉलपेपर स्क्रीन पर एक अनोखा, कल्पनाशील अनुभव देता है।