स्वप्निल
239 वॉलपेपर
धुंधली रोशनी, नरम रंग और थोड़ी अस्पष्टता—स्वप्निल दृश्य असलियत और कल्पना के बीच की एक महीन रेखा पर टिके होते हैं। यहाँ हर चीज़ हल्की और तैरती हुई लगती है। ऐसा वॉलपेपर फोन पर लगाना दिन में भी सपने जैसा एहसास लाता है।
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धुंधली रोशनी, नरम रंग और थोड़ी अस्पष्टता—स्वप्निल दृश्य असलियत और कल्पना के बीच की एक महीन रेखा पर टिके होते हैं। यहाँ हर चीज़ हल्की और तैरती हुई लगती है। ऐसा वॉलपेपर फोन पर लगाना दिन में भी सपने जैसा एहसास लाता है।